नीम लगाओ – पर्यावरण बचाओ

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नीम लगाओ – पर्यावरण बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम मनेसिया में 500 नीम के पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया।

बैठकीय परिचर्चा में विचार समिति अध्यक्ष कपिल मलैया ने ग्रामवासियों से वर्तमान के बुनियादी आवश्यक मुद्दों में शिक्षा, प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण पर क्रमशः अपनी बात रखी ।

पर्यावरण को बचाने का आधार है वृक्षारोपण

कपिल मलैया

   उन्होंने कहा अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षक एवं छात्र के बीच आपसी प्रेम ही सकारात्मक परिणाम लाता है। वातावरण में आए परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी ग्रामवासियों के अनुभव जाने उन्होंने कहा नीम लगाओ – पर्यावरण बचाओ अभियान यह केवल एक अभियान नहीं है बल्कि पर्यावरण को बचाने का आधार है। खेती में प्रत्येक एक एकड़ पर नीम के कुछ पेड़ होना जरुरी है। आप सभी लोगों का यह प्रयास न केवल आपकी समाज सेवा का प्रतीक है बल्कि यह एक प्रेरणा भी है दूसरों के लिए, आपका योगदान सराहनीय है।

विचार समिति कार्यकारी अध्यक्ष सुनीता अरिहंत ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति ने 2 दिसंबर 2023 को नीम लगाओ – पर्यावरण बचाओ अभियान के अंतर्गत 50 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इन पौधों के नियमित देखरेख वृक्षमित्र करेंगे, प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार वितरण किए जाएंगे।

समिति उपाध्यक्ष सौरभ रांधेलिया ने कहा कि नीम एक प्राचीन और गुणकारी पौधा है जिसकी पत्तियों, फलों और छाल में कई औषधीय गुण होते हैं। इसका वृक्षारोपण करने से पर्यावरण के लिए भी बहुत लाभ होता है क्योंकि नीम के पेड़ उपस्थित होने से वातावरण में प्रदूषण कम होता है और वातावरण का संतुलन बना रहता है।

समिति कोषाध्यक्ष विनय मलैया ने ग्रामवासियों के लिए प्राकृतिक खेती करने की जानकारी दी उन्होंने अपील की कि हमें कम से कम अपने घरेलू उपयोग के लिए प्राकृतिक खेती करना चाहिए। सोना मोती गेहूं खाने में सर्वश्रेष्ठ है, हमें इसे उगाना चाहिए। उन्होंने जीवामृत, गौ कृपा अमृत जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया साझा की। 

इस अवसर प्रीति मलैया, कुंदनलाल रिछारिया, मनोज राय, सुरेन्द्र राय, गजराज सिंह राजपूत, सीताराम चढ़ार, बद्री प्रसाद कुर्मी, कैलाश कुर्मी, भगवान दास पवार, महाराज सिंह दांगी, मोहन पवार, सागर चन्द राय, नन्नूराम चढ़ार, नरेंद्र ठाकुर, अनिल कुशवाहा, गोवर्धन आदिवासी, रोहित कुर्मी, मनीराम आदिवासी, जीवन पवार आदि उपस्थित थे।