स्वस्थ नारी, सशक्त समाज’ का संदेश

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर शाखा ने महिला सशक्तिकरण और महिला स्वास्थ्य पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन 18 और 19 अप्रैल 2026 को सागर में आयोजित हुआ।

उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने कहा कि एक समय बेटियों के अस्तित्व पर संकट था, लेकिन अब देश ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से आगे बढ़कर ‘बेटी बढ़ाओ’ के युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण और जल जीवन मिशन से 15.6 करोड़ ग्रामीण घरों में नल का पानी पहुंचने से महिलाओं की सुरक्षा और आत्मसम्मान बढ़ा है। उन्होंने राजनीति में महिलाओं को 33% आरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिससे महिलाएं अब निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

विशेष अतिथि श्रीमती अनुश्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना और सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN) जैसी योजनाओं से मातृ स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। उज्ज्वला योजना के तहत 10.33 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन देकर महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है।

उन्होंने ‘स्वास्थ्य नारी, सशक्त परिवार अभियान’ का जिक्र करते हुए बताया कि 13 लाख विवाहित महिलाओं का स्वास्थ्य सर्वेक्षण शुरू किया गया है, क्योंकि देश में 49% महिलाएं एनीमिया और 64% कुपोषण से प्रभावित हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ‘महिला-नेतृत्व वाला विकास’ का आधार बताया और कहा कि इससे लगभग सत्तर करोड़ महिलाओं को नेतृत्व और प्रतिनिधित्व का नया अवसर मिलेगा।

विशेष अतिथि बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि भारत की प्रगति और विकास में नारी शक्ति हमेशा से केंद्र में रही है। आज भारतीय नारी ने विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना ली है।

IMA सागर शाखा के आयोजन अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन निष्कर्ष सत्र में महिला स्वास्थ्य नीतियों को और मजबूत बनाने संबंधी कई सिफारिशें तैयार की गईं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में प्राप्त निष्कर्षों और सुझावों को क्षेत्रीय स्तर पर लागू करके महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को नई दिशा और गति मिलेगी।उन्होंने बताया के महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी, बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

यह सम्मेलन IMA की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों ने IMA सागर शाखा के इस प्रयास की सराहना की है।