सिर्फ इलाज नहीं, जागरूकता का संदेश

होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर सागर स्थित बी.एम.होम्यो सेंटर में एक गरिमामय एवं प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के सिद्धांत, वैज्ञानिक आधार एवं वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. एस. एन. चटर्जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि होम्योपैथी एक समग्र चिकित्सा पद्धति है, जो केवल रोग के लक्षणों को ही नहीं बल्कि व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर उपचार करती है। यह शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है।

डॉ. राजेश जैन ने अपने संबोधन में बताया कि माइग्रेन, एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग एवं मानसिक विकार जैसे जटिल रोगों में होम्योपैथी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डॉ भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह चिकित्सा पद्धति रोग की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान प्रदान करती है।

कार्यक्रम को डॉ ओ. पी. शिल्पी,डॉ अभिलाषा सैनी डॉ अंकुर सिंघई ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के अंत में बी.एम. होम्यो सेंटर के संचालक डॉ. राजेश सैनी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल उपचार देना ही नहीं, बल्कि समाज में होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। आज की सहभागिता यह दर्शाती है कि लोग इस पद्धति के प्रति तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।


इस अवसर पर डॉ. ओ. पी. शिल्पी डॉ.अंकुर सिंघई, डॉ. भूपेंद्र यादव डॉ ऋषि जैन, दिनेश सैनी, डॉ. अभिलाषा ,डॉ एम. एम. बैग, डॉ संदीप जैन ,डॉ पी के ताम्रकार डॉ संग्राम सिंह, डॉ. एच एस चौहान, डा. फहीम दाद, डॉ विवेक जैन, डॉ योगेश दत्त तिवारी, डॉ लखन पटेल, डॉ राहुल दुबे, डॉ मयूर ताम्रकार, मुकुल सैनी, डॉ किशोर सोनी, डॉ गुरु, डॉ दीपक जैन डॉ. बाली, गुंजन सैनी, मनोज गुप्ता, अमित नामदेव अमन राय आदि की उपस्थिति रही।