जिनवाणी संरक्षण एवं प्रबंधन समिति के द्वारा दिनांक 22 से 23 मार्च को दो दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प पुस्तकालय में संपन्न हुआ ।
नवागढ़ में आयोजित कार्यशाला में पुस्तकालय विज्ञान के लाइब्रेरियन , बी लिब एवं एम लिब के शोधार्थियों ने इस दो दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला के माध्यम से जिनवाणी संरक्षण में अपना योगदान दिया।
इस संगोष्ठी एवं कार्यशाला में समिति के राष्ट्रीय संयोजक रक्तवीर समीर जैन सचिव पवन जैन सह कोषाध्यक्ष नीलेश जैन , विषय विशेषज्ञ डॉ संजय जैन, कृति जैन ग्वालियर , रुचि जैन गुलाबगंज डॉ सुनील जैन विदिशा प्रशांत जैन टीकमगढ़ शुभी जैन तालबेहट, आयुषी जैन, पारस जैन ,पारूल चौधरी, प्रीति जैन ,सृष्टि जैन ,लघिमा जैन, सभी सागर से खुशी जैन, निकिता जैन लखनऊ से अमित जैन टीकमगढ़ से नवागढ़ गुरुकुलम की प्राचार्य ब्रह्मचारिणी संध्या दीदी अनुराग जैन एवं गुरुकुल के छात्रों ने इस कार्यशाला में अपना विशेष योगदान दिया।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा लाइब्रेरियन के पद पर जिनवाणी संरक्षण एवं प्रबंधन समिति के सदस्य साक्षी जैन ,आयुषी जैन ,रिया जैन, आस्था जैन एवं अभिषेक जैन का चयन हुआ इसमें से नवागढ़ संगोष्ठी एवं कार्यशाला में उपस्थित आयुषी जैन ( सागर) एवं अभिषेक जैन ( तालबेहट ) का नवागढ़ तीर्थ क्षेत्र कमेटी के द्वारा सम्मान किया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ संजय सराफ डिप्टी लाइब्रेरियन बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के निर्देशन में सभी शोधार्थियों ने नवागढ़ में संग्रहित इतिहास ज्योतिष वास्तु अध्यात्म आदि शास्त्रों को व्यवस्थित करते हुए उनका सूचीकरण कर कार्य का शुभारंभ किया । उन्होंने बताया कि नवागढ़ में जो धरोहर है वह अन्य किसी तीर्थ क्षेत्र में देखने को नहीं मिलती विशालकाय चट्टानों के बीच साधना शैलाश्रय 8000 वर्ष प्राचीन शैलचित्र गुप्तकालीन उत्कीर्ण आदि कास्ट के मानस्तंभ बेदी मंदिर एवं खुदाई में मिला पूरा पाषाण कालीन औजार सातवीं सदी के भगवान यहां गुरुकुल परंपरा के गौरवशाली इतिहास को दिग्दर्शन करते हैं।नवागढ़ तीर्थ क्षेत्र के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार जी निशांत , प्राचार्य ब्रह्मचारिणी संध्या दीदी महामंत्री श्री वीर चंद्र श्री प्रवीण जैन एवं गुरुकुल के सभी अधिकारियों एवं छात्रों के द्वारा जिनवाणी संरक्षण एवं प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया। जिनवाणी संरक्षण एवं प्रबंधन समिति ( अंतर्गत ) तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ के द्वारा नवागढ तीर्थ क्षेत्र के शास्त्रों का अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर एक्स्टेंशनिंग , क्लासिफिकेशन, कैटलॉगिन कंप्यूटीकरण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य किया जाएगा।
यह जानकारी जिनवाणी संरक्षण एवं प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय संयोजक रक्तवीर समीर जैन ने दी ।











