डायल-112 की मुस्तैदी ने टाली संभावित अनहोनी, रात 3 बजे सुनसान सड़क पर मिली नाबालिग को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया
एफआरवी टीम की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बनी मिसाल, सागर पुलिस ने जागरूक नागरिक का भी जताया आभार
सागर। सागर जिले में डायल-112 और एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) की तत्परता एक बार फिर एक संभावित अनहोनी को टालने में अहम साबित हुई। रात्रि करीब 3 बजे सुनसान सड़क पर अकेली घूम रही 14-15 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाकर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
जानकारी के अनुसार 18 जुलाई की रात 3:01 बजे डायल-112 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से पुलिस कंट्रोल रूम सागर को सूचना मिली कि निर्तला पेट्रोल पंप के पास एक नाबालिग बालिका अकेली घूम रही है। सूचना मिलते ही एफआरवी-27 खुरई को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
एफआरवी टीम ने बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचकर घबराई हुई बालिका से बेहद धैर्य और संवेदनशीलता के साथ बातचीत की। पूछताछ के दौरान उसके परिजनों की जानकारी प्राप्त कर पिता और भाई से संपर्क स्थापित किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने बालिका को पूरी सुरक्षा के साथ उसके ग्राम वेरखेड़ी पहुंचाकर सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में यह सामान्य सूचना लग सकती थी, लेकिन देर रात सुनसान सड़क पर अकेली नाबालिग का होना किसी भी गंभीर दुर्घटना या अपराध का कारण बन सकता था। ऐसे में डायल-112 पर समय पर मिली सूचना और एफआरवी की त्वरित कार्रवाई ने संभावित अनहोनी को टाल दिया।
इस सराहनीय कार्रवाई में एफआरवी-27 के आरक्षक संजय कुमार और पायलट शिव कुमार दांगी की तत्परता एवं मानवीय व्यवहार की विशेष सराहना की जा रही है। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने भी सूचना मिलते ही तेजी से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित की।
सागर पुलिस ने उस जागरूक नागरिक का भी आभार व्यक्त किया, जिसने जिम्मेदारी निभाते हुए डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बच्चा या बच्ची असहाय, भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे तो तुरंत डायल-112 पर सूचना दें। आपकी एक कॉल किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है।
डायल-112 और एफआरवी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर मिली सूचना और त्वरित पुलिस कार्रवाई कई बड़ी घटनाओं को होने से पहले ही रोक सकती है।
















