सागर।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा चलाए जा रहे दस करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का उत्साह चरम पर है। शुक्रवार को अभियान के तहत सागर सेंट्रल जेल में प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें जेल अधीक्षक रमेश चंद आर्य ने ने कहा कि नशा हमारे स्वास्थ्य एवं परिवार को प्रभावित करता है। प्रतिज्ञा हमें इसलिए कराई जाती है क्योंकि प्रतिज्ञा हमेशा याद रहती है तो आज ये ब्रह्माकुमारी बहनें आप सभी के बीच में जो प्रतिज्ञा कराएंगी उसे आप अपने जीवन में जरूर आत्मसात करें तो ये कार्यक्रम और प्रतिज्ञा दोनों सफल हो जायेंगे।
ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी जी ने कहा कि आज हम केवल एक सामाजिक अभियान के सहभागी बनने के लिए नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बनने के लिए एकत्र हुए हैं। भारत की शक्ति केवल उसकी अर्थव्यवस्था, तकनीक या संसाधनों में नहीं है। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके संस्कारवान, स्वस्थ और जागरूक नागरिक हैं। इसलिए नशामुक्ति केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है। यह परिवार, समाज, चरित्र और राष्ट्र निर्माण का विषय है।हमें आज ये प्रतिज्ञा करनी है कि यदि हम नशा करते है तो नहीं करेंगे और जेल से बाहर जाने के बाद भी नशा नहीं करेंगे। नशा हमारे जीवन को बर्बाद करता है और साथ ही परिवार को भी दुःखी करता है।
मैडिटेशन वो विधि है जो हमें हमारे मन कि शक्ति पर विजय करना सिखाता है।जब हम अपने मन को अपने कण्ट्रोल में करते है तो हमारी बाह्य कर्मन्द्रियों आँख, नाक, कान हाथ हमारे हिसाब से चलती है। तभी हम नशों से दूर रहते है अतः हमें अध्यात्म को अपनाना चाहिए।
बीके लक्ष्मी दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज का आध्यात्मिक ज्ञान हमें याद दिलाता है कि मनुष्य की वास्तविक पहचान आत्मा है। आत्मा के मूल गुण शांति, पवित्रता, प्रेम, आनंद और शक्ति हैं। जब हम इन गुणों को जीवन में अनुभव करते हैं तो बाहरी नशों का आकर्षण धीरे-धीरे कम होता जाता है।
नशा हमारे जीवन में शान को खत्म कर देता है। जो नशा करता है वो कभी शान से नहीं कहता कि मैं नशा करता हुँ। इसलिए अपने जीवन से नशे को दूर कीजिये।
ब्रह्माकुमारी कामिनी बहन ने सभी को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा कराई।
इस आयोजन में नुक्कड़ नाटक के द्वारा नन्हे मुन्ने बच्चों ने नशे से किया जागृत। शिवांश, ऋषभ, कुंजबिहारी, चिराग, आर्यन, मुकेश (पप्पू )भाई
मनोज मिश्रा उप अधीक्षक , पंकज कुशवाहा सहायक जेल अधीक्षक, गीता राठौर सहायक जेल अधीक्षक, सौरभ सहायक जेल अधीक्षक, गीता रैकवार जेल शिक्षिका, ब्रह्माकुमार मुकेश भाई, एवं 200 से अधिक कैदी भाई उपस्थित रहे।
















