मतगणना में देरी ने बढ़ाई बेचैनी, अब चुनावी व्यवस्था की समीक्षा का वक्त — अरविंद कुमार जैन
मतगणना की उपेक्षा और अपारदर्शिता से उठे सवाल अब आगामी भविष्य में ईवीएम की ओर देख रहे अधिवक्ता “चुनाव केवल परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया नहीं है; चुनाव वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक मत की गरिमा, प्रत्येक उम्मीदवार का विश्वास और पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। परिणाम चाहे किसी के पक्ष में हो, लेकिन चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि उसे हर व्यक्ति निष्पक्षता और विश्वास के साथ स्वीकार कर सके।”
जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं की सहभागिता और विश्वास का प्रतीक होते हैं। इसलिए चुनाव प्रक्रिया का प्रत्येक चरण विशेषकर मतगणना और परिणाम की घोषणा—पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित, निष्पक्ष और समयबद्ध होना चाहिए।
हालिया चुनाव में मतगणना के दौरान कथित उपेक्षा, असावधानी, व्यवस्थागत अनियमितताओं तथा परिणाम घोषित करने में विलंब के कारण अनेक उम्मीदवारों और मतदाताओं के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति निर्मित हुई। जब मतदान समाप्त होने के बाद लंबे समय तक परिणाम स्पष्ट नहीं होता, तो स्वाभाविक रूप से विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ और आशंकाएँ जन्म लेती हैं।
यह स्थिति किसी व्यक्ति या उम्मीदवार विशेष के पक्ष अथवा विपक्ष का प्रश्न नहीं है। मूल प्रश्न यह है कि चुनाव प्रक्रिया पर प्रत्येक मतदाता और प्रत्येक उम्मीदवार का विश्वास बना रहे।
आज अधिवक्ता समुदाय का एक वर्ग यह महसूस कर रहा है कि यदि भविष्य में ईवीएम अथवा किसी विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली का उपयोग किया जाए, साथ में पर्याप्त पारदर्शिता, अभ्यर्थियों/एजेंटों की निगरानी, मॉक पोल, सीलिंग एवं सत्यापन जैसी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित की जाएँ, तो मतगणना में लगने वाला समय कम हो सकता है और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी घटाई जा सकती है।
हालाँकि केवल ईवीएम अपनाना ही समाधान नहीं है। वास्तविक आवश्यकता है
निष्पक्ष मतदान + पारदर्शी मतगणना + स्पष्ट प्रक्रिया + उम्मीदवारों के एजेंटों की निगरानी + समयबद्ध परिणाम घोषणा।
अधिवक्ता संघ लोकतांत्रिक चेतना का प्रतिनिधि संस्थान है। इसलिए हमारी अपनी चुनाव व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए जिस पर हर अधिवक्ता बिना किसी संदेह के विश्वास कर सके।
अब समय है कि आगामी चुनावों के लिए चुनाव नियमों और मतगणना व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा आधुनिक, पारदर्शी और विश्वसनीय मतदान प्रणाली EVM पर गंभीरता से विचार किया जाए। क्योंकि चुनाव केवल परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया नहीं है चुनाव वह प्रक्रिया है जिससे लोकतांत्रिक विश्वास निर्मित होता है।
















