संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर निकले भव्य चल समारोह में इस बार स्वच्छता का अनूठा संदेश देखने को मिला। नगर पालिक निगम सागर की स्वच्छता टीम ने भगवानगंज से चल समारोह के साथ-साथ चलते हुए कुछ ही मिनटों में सड़कों पर फैले फूल-पत्तियों, फलों के छिलकों और अन्य कचरे को समेटकर मार्गों को पुनः चकाचक साफ कर दिया।
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री द्वारा प्रारंभ किया गया यह नवाचार अब शहर में स्वच्छता की एक सशक्त परंपरा बन चुका है जिसकी नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है। स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई यह पहल न केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित कर रही है।
नगर निगम द्वारा “स्वच्छता की गागर, अपनों सागर”, “मेरा चौराहा मेरा अभिमान” और “कचरा खुद बोलेगा मैं किस का हूँ” जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता से जोड़ा जा रहा है। निगमायुक्त का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए और छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़ा परिवर्तन लाए।
पहले जहां चल समारोहों के बाद सड़कों की सफाई में घंटों का समय लगता था, वहीं अब यह कार्य महज 10 से 15 मिनट में पूरा किया जा रहा है। हाल ही में श्रीराम नवमीं, महावीर जयंती और हनुमान जयंती के अवसर पर भी इस व्यवस्था ने उत्कृष्ट परिणाम दिए और सड़कों को कुछ ही समय में पहले की तरह चकाचक कर दिया।
गौरतलब है कि सागर में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में चल समारोह और जुलूस निकाले जाते हैं। ऐसे आयोजनों में पहले कचरे की समस्या आम थी, लेकिन अब नगर निगम की सक्रियता और नागरिकों के सहयोग से स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है।
निगम आयुक्त द्वारा विगत दो वर्षों से प्रत्येक बड़े आयोजन में स्वच्छता टीम को तैनात किया जा रहा है, जो पूरे उत्साह के साथ संसाधनों सहित चल समारोह के पीछे-पीछे चलते हुए तत्काल सफाई सुनिश्चित करती है। इस प्रयास से अब सड़कों पर यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है कि कुछ समय पहले यहां से कोई जुलूस निकला था।
नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सफाई मित्रों की तत्परता से शहर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। अब पंडालों में स्टील के गिलास, कागज और पत्तों के दोने का उपयोग बढ़ा है तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कम हुआ है।
नगर निगम और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से सागर अब स्वच्छता की दिशा में तेजी से अग्रसर है और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर स्थान प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
















