सफर की सुरक्षा को लेकर सख्ती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाने के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने, बसों के बाधारहित संचालन तथा निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तों और वाहन संचालन की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।

निर्देशों के अनुपालन में सागर जिले में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में जिले में परिवहन एवं यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के राजस्व विभाग, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम को सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। त्वरित कार्रवाई कराकरते हुए वाहनों की सघन जांच की गई। कार्यवाही में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहनगुरिया, तहसीलदार शहर संदीप तिवारी, तहसीलदार ग्रामीण श्रीमती वर्षा दुबे सहित यातायात पुलिस के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की गई।

संयुक्त चेकिंग के दौरान 30 सितंबर 2026 को यात्री बसों, स्कूल बसों एवं ऑटो रिक्शा की चेकिंग की गई।जांच के दौरान वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन, फायर किट, फर्स्ट ऐड किट , टायर सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। यात्री बसों में फर्स्टएड बॉक्स एवं निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र नहीं पाए गए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल बसों एवं ऑटो रिक्शा सहित 30 वाहनों को जप्त कर आरटीओ कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया।

स्लीपर कोच यात्री बसों में एआईएस-119 के प्रावधानों के अनुसार फायर डिटेक्शन एवं सप्रेशन सिस्टम, पृथक आगम-निर्गम द्वार, चार इमरजेंसी एक्जिट तथा निर्धारित क्षमता के अग्निशमन यंत्र सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। वाहन संचालकों को वैध दस्तावेज एवं निर्धारित गणवेश के साथ वाहनों का संचालन करने के निर्देश दिए गए।

चेकिंग के दौरान 12 वाहनों में चालक लाइसेंस, वाहन संबंधी दस्तावेज, निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र, एचएसआरपी नंबर प्लेट एवं रेडियम रिफ्लेक्टर टेप नहीं होने तथा चालक के निर्धारित गणवेश में नहीं होने जैसी कमियां पाई गईं। इन मामलों में मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए 34 हजार रुपये शमन शुल्क वसूल किया गया।

जिला प्रशासन द्वारा यात्रियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त जांच अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा। वाहन संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें तथा निर्धारित फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।