सफाई में लापरवाही पर ‘ऑन द स्पॉट’ सजा

राहतगढ़ ब्रिज के आसपास स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही देख निगमायुक्त ने स्वच्छता पर्वेक्षक प्रकाश ताम्रकार को ऑन द स्पॉट निलंबित किया.

सफाई दरोगा द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण के प्रति रहवासियों एवं दुकान संचालकों को नहीं दी गई समझाईश-नतीजा सड़क किनारे पड़ा मिला कचरा

खुले में कचरा फेकने वाले दुकान संचालकों से कचरा डस्टबिन में भरवाया और सभी पर 500-500 रूपये का जुर्माना कर चालान कटवाये

नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखते हुए पहले दिन से ही सक्रियता के साथ शहर के विभिन्न वार्डों, गली, मुहल्लों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने हेतु सफाईमित्रों को लगातार निर्देश दिये जा रहे हैं। और नागरिकों से सहयोग की अपील की जा रही है। ऐसे में मंगलवार को सुबह-सुबह शहर भ्रमण करते हुए स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेने पहुँचे निगमायुक्त श्री खत्री ने राहतगढ़ ब्रिज के पास बनी दुकानों के आसपास डिस्पोजल, पानी पाउच और पान, गुटखा पाउच आदि कचरे के छोटे-छोटे ढेर देखकर नाराजगी व्यक्त की और उक्त क्षेत्र के स्वच्छता पर्वेक्षक प्रकाश ताम्रकार को फटकार लगाते हुए तत्काल ऑन द स्पॉट निलंबित किया।

उक्त सफाई दरोगा द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण के प्रति रहवासियों एवं दुकान संचालकों को समझाईश नहीं दी जा रही थी इसका नतीजा सड़क किनारे कचरा पड़ा मिला। निगमायुक्त ने कहा कि निगम के स्वच्छता

कर्मियों का कार्य सिर्फ झाडू लगाना और कचरा उठाना नहीं है प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी उनकी जिम्मेदारी है। डोर टू डोर कचरा वाहनों में ही कचरा डाला जाये यह सुनिश्चित कराना उनकी जिम्मेदारी है समझाईश के बाद भी जो नागरिक लापरवाही कर कचरा सड़कों पर खुले में डालते हैं उन पर लगातार भारी जुर्माने की कार्यवाही होना चाहिए। जो समझाईश से नहीं समझते वे जुर्माने और दंडात्मक कारवाही से समझते हैं। निगमायुक्त ने कहा कि आज हमारा नगर निगम अत्याधुनिक कचरा प्रोसेसिंग प्लांट जैसी सुविधाओं से सक्षम है यदि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहनों में प्रत्येक रहवासी अपना कचरा नहीं डालता है और खुले में कचरा डला मिलता है तो इसमें स्थानीय रहवासी जितना जिम्मेदार है उतनी ही लापरवाही उक्त स्थान के सफाई पर्वेक्षक की भी है। उन्होंने कहा की शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता है और ऐसे में शहर की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। गलती नागरिकों की हो या निगमकर्मियों की कार्यवाही सभी पर की जावेगी। उन्होंने उक्त स्थान के कचरा खुले में फेकने वाले दुकानदारों से ही कचरा भरकर डस्टबिन में रखवाया और सभी पर 500-500 रूपये के जुर्माने कर चालान काटने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा की शहर के तिराहे चौराहे और सड़के ही शहर का परिचय आने जाने वालों से कराती हैं। इन्हें सब प्रकार से व्यवस्थित और साफ स्वच्छ रखें। शहर में दूर-दराज बाहरी शहरों से आने वाले सड़कों और चौराहों से गुजरते हैं और यहां की व्यवस्थाएं साफ सफाई देखकर ही शहर के स्तर का अनुमान लगाते हैं। हम सब भी कहीं जाते हैं तो व्यवस्थित और साफ स्वच्छ जगह देख कर ही वहाँ रुकते हैं अन्यथा आगे बढ़ जाते हैं। आगन्तुक यात्रियों के लिए हमारा शहर स्वच्छता के अनुकूल प्रतीत होना चाहिए न की गंदगी दिखे।उन्होंने उक्त वार्ड की गलियों का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था देखी और स्थानीय रहवासियों से स्वच्छता संवाद किया। नागरिकों के कहने पर निगमायुक्त ने कचरा संग्रहण वाहन का समय नागरिकों की सुविधानुसार करने के निर्देश दिये, उन्होंने कहा की सुबह 7 बजे के आसपास डोर टू डोर कचरा संग्रह करने हेतु वाहन इस वार्ड में आयेगी। नागरिकों की सुविधा के लिए ही ये सेवाएं हैं उनकी मांग अनुरूप समय पर कचरा गाड़ी उनके द्वार पर उपलब्ध रहे। ताकि वे डस्टबिन में रखा अपने घरों दुकानों का कचरा कचरा संग्रहण वाहनों में ही देवें। स्थानीय नागरिकों की मांग अनुसार कचरा वाहनों का समय बदलने का आश्वासन पाकर निगमायुक्त का धन्यवाद करते हुए कहा की हम सभी नागरिक कचरा वाहन में ही कचरा डालेंगे और दूसरों को भी प्रेरित कर स्वच्छता जागरूकता लाएंगे। शहर को स्वच्छ सुंदर बनाने में समग्र सहयोग देंगे।