इंदौर में दूषित पानी के कारण जो परिस्थिति उत्पन्न हुई है उनको दृष्टिगत रखते हुये मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत नगर निगम सभाकक्ष में सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगमाध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार एवं निगमायुक्त राजकुमार खत्री की उपस्थिति में टाटा, सीवर प्रोजेक्ट, एम.पी.यू.डी.सी.एवं नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त रूप से समीक्षा बैठक ली।
बैठक में विधायक श्री जैन ने कहा कि सागर नगर में दूषित पानी होने के कारण किसी भी प्रकार की कोई घटना होने की आशंका न रहे इसके लिये टाटा, सीवर एवं नगर निगम के अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर वाटर डिस्ट्रीव्यूशन लाईन और सीवर लाईन साथ में हैं, वहां पर पानी की नियमित जांच करायी जाये, सभी वार्डो में जो छोटी-छोटी गलियॉं हैं तथा जिन स्थानों पर टाटा एवं सीवर की ज्वाइंट पाईप लाईन हैं, वहां पर पानी की जांच करवा लें और यह भी चैक करें कि राजघाट फिल्टर प्लांट पर पानी की जांच एवं वार्डो में पहुंचने वाले पानी की जांच में क्या अंतर है। पानी की शिकायत के लिये एक अलग से कंट्रोल रूम बनायें, पानी की टंकियों पर पानी की जांच की स्थिति एवं अंतिम स्थल तक पहुंचने वाले पानी की जांच की स्थिति से अवगत करायें। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में एनाउंसमेंट करायें कि राजघाट से होने वाली पेयजल सप्लाई का पानी का उपयोग पीने के लिये करें, कुआं एवं हैण्डपम्पों का पानी उपयोग में न लाएं, वार्डो में पानी की जांच हेतु पार्षदों का सहयोग अवश्य लें।
सीवर प्राजेक्ट की समीक्षा करते हुये विधायक ने कहा कि जगह-जगह सीवर के चेम्बर ओव्हर फ्लो हो रहे हैं उनको साफ कराने की कार्यवाही करें। सीवर प्रोजेक्ट के अधिकारी एक टीम का गठन कर घर-घर जाकर लोगों को सीवर की सफाई के संबंध में जागरूक करें। इसके साथ ही उन्होंने शहर में बिछायी गई सीवर लाईन की जानकारी ली जिसमें 225 किलोमीटर लाईन डाली गई है। जिन वार्डो में सकरी गलियां हैं वहां सीवर लाईन नहीं डाली गई है। उन्होंने कहा कि भगवानगंज वार्ड में पाईप लाईन ठीक करने के दौरान खोदी गई सड़क का कार्य नहीं किया गया है जिस ठेकेदार ने यह कार्य विलंब से किया है उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें। टाटा के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि पूरे शहर में 390 किलो मीटर पाईप लाईन डाली गई है जिसमें 46 किलो मीटर पुरानी पाईप लाईन है।
महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि शहर के सभी कुओं एवं हैण्डपम्पों के पानी की सेम्पलिंग कराकर पानी की गुणवत्ता की जांच करायी जाये इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर लगायी जा रही खाने-पीने की दुकानों एवं रेस्टोरेंट आदि द्वारा उपयोग किये जा रहे पानी की सेम्पलिंग कराकर जांच करायें। कुआं एवं हेण्डपम्पों का पानी दूषित पाये जाने पर लाल रंग से उन पर लिखवा दें कि यह पानी पीने योग्य नहीं है इसका उपयोग न करें।
निगमाध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार ने कहा कि सभी वार्डो में पानी के गुणवत्ता की जांच हेतु सभी पानी की टंकियों पर टेस्टिंग किट अधिक मात्रा में उपलब्ध करायी जायें जिससे जल्दी से जल्दी वार्डो में पानी के गुणवत्ता की जांच करायी जा सके। उन्होंने कहा कि मान.मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं उसे गंभीरता से लें और जांच करवायें। उन्होंने कहा कि आयुक्त नगर निगम की टीमें गठित करें और जिन नल कनेक्शनों से पानी का अपव्यय हो रहा है वे कनेक्शन तत्काल बंद कराने की कार्यवाही करें।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा निरंतर ओव्हर हेड टेंकों ,पाईप लाईनों के लीकेज, कुओं, हेण्डपम्पों का निरीक्षण कराया जा रहा है और आवश्यकता अनुसार सुधार एवं सफाई, पाईप लाइनों के लीकेज सुधार कार्य, कुआं तथा हेण्डपम्पों के जल का परीक्षण का कार्य किया जा रहा है इसके साथ ही पुरानी पाईप लाईनों को चिन्हित करने तथा अमृत मित्रों द्वारा घरों के पानी के सेम्पल टेस्टिंग से कराये जा रहे हैं। टाटा, एम.पी.यू.डी.सी.नगर निगम एवं सीवर की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर पानी के गुणवत्ता की जांच करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर निगम एवं एम.पी.यू.डी.सी.का एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर कार्यवाही की जा रही है।
















