सागर के पानी पर भरोसे की मुहर

जिस पानी से शहर की प्यास बुझती है, जिससे बच्चों का भविष्य और बुज़ुर्गों की सेहत जुड़ी है—उस पानी की शुद्धता को लेकर शासन पूरी तरह सजग है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने सागर जिले की जीवनरेखा राजघाट बांध पहुँचकर पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया।

यह केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और विश्वास की सीधी चिंता थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पानी की गुणवत्ता, जल परीक्षण लॉग बुक, शोधन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की बारीकी से जांच की और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा।

अपर मुख्य सचिव ने मौके पर ही पानी के नमूनों की जांच करवाई। जांच में पानी का पीएच स्तर 7.30 पाया गया, जो मानकों के अनुरूप और पेयजल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। यह परिणाम उन हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है, जिनके घरों तक यही पानी पहुँचता है।

उन्होंने जल शोधन संयंत्र में कार्यरत केमिस्ट से शोधन प्रक्रिया, उपयोग में लाए जा रहे रसायनों और परीक्षण प्रणाली की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि हर जांच ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ की जाए। हर दिन, हर समय—पानी शुद्ध रहना चाहिए, यही निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए।

निरीक्षण के दौरान शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शुद्ध पानी केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है, और शासन इस अधिकार की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।

राजघाट बांध पर हुआ यह निरीक्षण उन सभी नागरिकों के लिए आश्वासन है कि शासन उनकी सेहत, उनके परिवार और उनके भविष्य को लेकर सजग है। हर घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और भरोसेमंद पानी पहुँचे—यही इस निरीक्षण का संदेश है।