आज पुलिस कंट्रोल रूम सागर में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता को उजागर किया, बल्कि समाज में ईमानदारी और मानवीय संवेदनाओं पर विश्वास को भी और मजबूत कर दिया।
भोपाल से सागर आए एक परिवार की खुशियां उस वक्त पल भर में गम में बदल गईं, जब घर पहुंचने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि सोने-चांदी के कीमती जेवरात और नगदी से भरा बैग ऑटो में ही छूट गया है। करीब ₹5 लाख से अधिक मूल्य के आभूषण और ₹5,300 नगद बैग में रखे थे। घबराया और बदहवास परिवार रोते-बिलखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा।
संवेदनशील नेतृत्व ने बदला हालात का रुख
जैसे ही यह सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिंहा को मिली, उन्होंने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत उप निरीक्षक आरकेएस चौहान को अपने कक्ष में बुलाया और बिना किसी देरी के बैग को खोजने के लिए स्पष्ट और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीसीटीवी टीम की फुर्ती और तकनीकी दक्षता
निर्देश मिलते ही उप निरीक्षक आरकेएस चौहान ने तत्काल टीम गठित की।
प्रधान आरक्षक रेखा रजक, महिला आरक्षक उर्मिला, एवं रेडियो ऑपरेटर राकेश सुलखिया को सीसीटीवी फुटेज खंगालने का जिम्मा सौंपा गया।
टीम ने पूरी सतर्कता और तकनीकी कौशल के साथ बस स्टैंड से लेकर रास्ते तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अल्प समय में संबंधित ऑटो की पहचान कर ली।
सोशल मीडिया बना मददगार
ऑटो की पहचान के बाद उसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कर आमजन से सहयोग की अपील की गई। सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल होते ही ऑटो चालक मुकेश मिश्रा ने स्वयं आगे बढ़कर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर बैग सौंप दिया।
ईमानदारी की मिसाल बने ऑटो चालक
ऑटो चालक मुकेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें बैग में रखे कीमती सामान की जानकारी नहीं थी और बैग ऑटो में ही छूट गया था। जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी लोभ के बैग को तुरंत पुलिस को सौंप दिया। उनकी यह ईमानदारी समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी।
सम्मान और मुस्कान के साथ लौटी खुशियां
सभी औपचारिक जांच के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिंहा द्वारा संपूर्ण सामान सुरक्षित रूप से रजक परिवार को सौंपा गया।
इस भावुक क्षण में जहां परिवार की आंखों से राहत के आंसू छलक पड़े, वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ने ईमानदार ऑटो चालक मुकेश मिश्रा का सार्वजनिक रूप से सम्मान कर उनके कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार की सराहना की।
पुलिस और जनता के विश्वास की मजबूत कड़ी
यह घटना साबित करती है कि जब पुलिस की तत्परता, तकनीक का सही उपयोग और नागरिकों की ईमानदारी एक साथ आती है, तो भरोसे की एक मजबूत मिसाल कायम होती है।
सागर पुलिस की यह कार्यशैली न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि मुसीबत की घड़ी में पुलिस आपके साथ है।
















