शिक्षा से समाज निर्माण तक

“अपने हौसलों के पंख पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ फैला दो, आपके सपनों का सारा आसमान आपका होगा.” ये विचार दिये प्रो दिवाकर सिंह राजपूत ने विशिष्ट अतिथि के रूप में व्याख्यान देते हुए.

डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के डॉयरेक्टर ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो दिवाकर सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सभी शैक्षणिक संस्थान समाज को आकार देने का काम करते हैं. हम सभी का दायित्व है कि आपसी समझौतों और विचार विनिमय से युवाओं में ज्ञान-विज्ञान के नए आयाम जगाएं.” प्रोफेसर राजपूत ने कहा कि हमको अपनी-अपनी सीमाओं को पहचान कर अपना आसमान खुद बनाना है. अपने बुलंद इरादों और हौसलों से अपने सपने साकार करने होंगे. विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के मध्य अकादमिक समझौते इस दिशा में एक नयी राह बना सकते हैं. विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी प्रेरित करने की जरूरत हो तो अवश्य कोशिश करनी चाहिए.”

हेमचंद्र यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ राजपूत ने विशिष्ट अतिथि और की नोट स्पीकर के रूप में उद्बोधन दिया.

मुख्य अतिथि के रूप में लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज मलेशिया के संस्थापक/अध्यक्ष प्रो अमिया भौमिक ने आत्मविश्वास को जाग्रत करने की बात कही.

बेल्जियम से आये डॉ डी के गौतम और डॉ राजदीप गौतम ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो संजय तिवारी ने की. प्रो तिवारी ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के मध्य अकादमिक समझौते से शिक्षा और शोध के नये आयाम स्थापित होते हैं. कुलसचिव एवं प्राचार्य ने आभार व्यक्त किया.

  • मंच संचालन डॉ माला श्रीवास्तव ने किया.