शिक्षा संवाद में विशेषज्ञों का साझा स्वर

डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के मानविकी एवं समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ दिवाकर सिंह राजपूत ने “शिक्षा सम्वाद” समारोह के पांचवें तकनीकी सत्र में शोध परक विचार रखे. डॉ राजपूत ने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए कार्ययोजना भी प्रस्तुत की.

उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं ईलेट्स टेक्नोमीडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिक्षा संवाद कार्यक्रम में पेनलिस्ट की भूमिका में विचार प्रस्तुति करते हुये अपने उद्बोधन में प्रोफेसर दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि

“शिक्षा और शोध में नवाचार के लिए सामाजिक उद्यमिता, देशज ज्ञान परम्परा और वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाई जाए तब ज्यादा सार्थक परिणाम मिलेंगे.विकसित छत्तीसगढ़ की अवधारणा को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक समृद्धि और मानवीय मूल्यों को संरक्षित रखने की जरूरत है.”

उल्लेखनीय है कि शिक्षा सम्वाद के उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सचिव उच्च शिक्षा श्री भारतीदासन, कमिश्नर उच्च शिक्षा डॉ संतोष देवांगन, ईलेट्स इलेक्ट्रोमीडिया के संस्थापक श्री रवि गुप्ता और एलेक्स समूह के डॉ सुधाकर राव ने संबोधित किया था.

पांचवें तकनीकी सत्र में डॉ संजीव पाराशर रायपुर, डॉ अमरेंद्र पाणि नई दिल्ली, डॉ डी के गौतम ब्रुसेल्स, डॉ दिवाकर सिंह राजपूत सागर, डॉ भूपेंद्र नाथ तिवारी दुर्ग, श्री शैलेन्द्र जायसवाल एवं श्री वेंकटेश ने विषय पर विचार व्यक्त किये. संगोष्ठी में शोध, नवाचार और उद्यमिता पर केन्द्रित अनुशंसा प्रस्तुत की.