डायल 112 की संवेदनशीलता बनी मासूम की ढाल, रोती बच्ची को मिलाया उसके परिवार से
डायल 112 राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से इवेंट क्रमांक 26010172943 के अंतर्गत प्राप्त सूचना ने सभी को विचलित कर दिया। सूचना के अनुसार एक 4–5 वर्षीय मासूम बच्ची कस्बा क्षेत्र में अकेली, घबराई हुई और अत्यधिक रोती हुई मिली, जो न तो अपना नाम बता पा रही थी और न ही अपने परिजनों का पता। बच्ची के साथ कोई भी परिजन मौजूद नहीं था।
सूचना की गंभीरता को भांपते हुए डायल 112 कंट्रोल रूम सागर ने बिना एक पल गंवाए मानवीय संवेदना और पेशेवर जिम्मेदारी का परिचय देते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की।
कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक (रेडियो) राजकुमार सिंह चौहान ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए तत्काल एफआरवी बंडा-10 को सक्रिय किया।
टीम में शामिल—
आरक्षक 1387 श्री छोटेलाल
एफआरवी पायलट श्री सोने सिंह लोधी
को स्पष्ट दिशा-निर्देश देकर मौके के लिए रवाना किया गया।
एफआरवी टीम ने बच्ची को पूरी सुरक्षा और आत्मीयता के साथ अपने संरक्षण में लिया और बस स्टैंड, कस्बा क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में आम नागरिकों से संपर्क कर सघन तलाश अभियान चलाया। टीम का व्यवहार इतना संवेदनशील था कि बच्ची कुछ ही समय में शांत हो गई।
लगातार प्रयास, सूझबूझ और मानवीय दृष्टिकोण का ही परिणाम रहा कि बच्ची के परिजनों का पता लगा लिया गया और कुछ ही समय में बच्ची को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने बताया कि बच्ची के माता-पिता अपने गृह ग्राम में आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और बच्ची को घर पर उसकी मौसी के पास छोड़ा गया था। इसी दौरान बच्ची रोते-रोते उन्हें ढूंढती हुई घर से निकलकर बस स्टैंड तक पहुंच गई और रास्ता भटक गई। उधर माता-पिता बच्ची के बस स्टैंड पहुंचने से पहले ही बस द्वारा गांव रवाना हो चुके थे।
इस पूरी घटना में डायल 112 कंट्रोल रूम सागर एवं एफआरवी बंडा-10 की तत्परता, संवेदनशीलता और जिम्मेदार कार्यशैली ने यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून की रक्षक ही नहीं, बल्कि मानवता की सबसे मजबूत दीवार भी है।
उल्लेखनीय योगदान
इस सराहनीय मानवीय कार्य में विशेष योगदान रहा—
उप निरीक्षक (रेडियो) श्री राजकुमार सिंह चौहान
महिला प्रधान आरक्षक श्रीमती उर्मिला सोनवानी (कंट्रोल रूम सागर)
आरक्षक 1387 श्री छोटेलाल (एफआरवी बंडा-10)
एफआरवी पायलट श्री सोने सिंह लोधी
बच्ची के परिजनों ने अपनी पुत्री को सुरक्षित पाकर डायल 112 पुलिस सेवा एवं सागर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और पुलिस की संवेदनशीलता की खुलकर प्रशंसा की।
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