प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मकरोनिया सेवाकेंद्र पर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। विधायक प्रदीप लारिया, सागर क्षेत्र की निदेशिका बीके छाया दीदी सहित अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों ने शिव ध्वजारोहण किया। साथ ही सभी को बुराइयों से दूर रहने का संकल्प कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने अपनी माउंट आबू की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां अद्भुत शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। वहां का वातावरण मन को स्थिर और सकारात्मक बनाता है। संस्था जिस समर्पण और निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करेंगे।
सागर क्षेत्र की निदेशिका बीके छाया दीदी ने कहा कि शिव कोई देहधारी देवता नहीं, बल्कि निराकार, ज्योति बिंदु स्वरूप, परम चेतन्य शक्ति हैं, जो जन्म-मरण के चक्र से परे हैं। शिव परमात्मा ‘त्रिमूर्ति’ के माध्यम से सृष्टि के सृजन, पालन और परिवर्तन की दिव्य प्रक्रिया का संचालन करते हैं। शिव जयंती का वास्तविक अर्थ है- अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर यात्रा। आज का मानव बाहरी उपलब्धियों में सुख खोज रहा है, जबकि सच्ची शांति आत्मा की पहचान और परमात्मा से संबंध जोड़ने में है। राजयोग ध्यान के द्वारा जब आत्मा अपने मूल स्वरूप को पहचानती है, तब जीवन में स्थायी आनंद, शक्ति और संतुलन का अनुभव होता है। उन्होंने सभी को आह्वान किया कि शिव परमात्मा के दिव्य ज्ञान को जीवन में धारण कर स्वयं भी प्रकाश स्तंभ बनें और समाज को दिशा दें।
बीके सीता दीदी ने कहा कि त्रिमूर्ति शिव जयंती हमें यह याद दिलाती है कि हम आत्माएं हैं और हमारा स्वभाव शांति, प्रेम और पवित्रता है। जब मनुष्य इस सत्य को स्वीकार कर राजयोग का अभ्यास करता है, तो उसका जीवन सकारात्मक परिवर्तन से भर उठता है।
बीके लक्ष्मी दीदी ने बताया कि संस्था न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, युवा जागरण, नैतिक शिक्षा और नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। शिव जयंती आत्म-परिवर्तन का पर्व है और जब व्यक्ति स्वयं बदलता है, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव संभव होता है। बीके कल्पना दीदी ने कहा कि शिव परमात्मा हमें परिस्थितियों से भागना नहीं, बल्कि उनका सामना करने की शक्ति देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, यदि आत्मा का संबंध परमात्मा से जुड़ा है, तो वह अडिग और संतुलित रहती है।
कार्यक्रम में कुमारी अविष्का ने भोले नाथ की महिमा के गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। सामूहिक दीप प्रज्वलन कर विश्व शांति की कामना की गई। समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
















