जनचौपाल बनी राहत का केंद्र

महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी के निर्देशानुसार नगर निगम सागर द्वारा नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु संचालित जनहितकारी पहल “आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचौपाल” के अंतर्गत भगतसिंह एवं वल्लभ नगर वार्ड का संयुक्त 12वां शिविर महाकवि पद्माकर सभागार में आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में वार्डवासियों ने उपस्थित होकर अपनी समस्याएँ दर्ज कराईं, जिनमें से अनेक का निराकरण मौके पर ही किया गया तथा शेष आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिविर में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, एम.आई.सी. सदस्य विनोद तिवारी, शैलेन्द्र ठाकुर, धमेंद्र खटीक, राजकुमार पटेल, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, पार्षद प्रतिनिधि नरेश धानक, विशाल खटीक एवं संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी की उपस्थिति में नागरिकों की समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई की गई।

महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि भगतसिंह एवं वल्लभ नगर वार्ड का संयुक्त शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र नागरिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, इसलिए सभी पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

महापौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने वार्ड एवं मोहल्ले को स्वच्छ रखने में सहयोग करें तथा घरों से निकलने वाले कचरे को कचरा वाहन में ही दें, सड़कों पर न डालें।

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने कहा कि नगर निगम द्वारा अब तक 12 शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। जो लोग निगम कार्यालय नहीं पहुँच पाते, उन्हें वार्ड स्तर पर शिविर के माध्यम से लाभान्वित करने की पहल की जा रही है।

शिविर में वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, संबल कार्ड, समग्र आईडी, राशन पर्ची, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट लाइट, प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण, लोक निर्माण, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तथा राजस्व विभाग अंतर्गत संपत्तिकर, जलकर एवं कचरा प्रबंधन शुल्क से संबंधित आवेदनों पर कार्यवाही की गई। अनेक नागरिकों द्वारा मौके पर कर एवं शुल्क की राशि भी जमा की गई। प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।