कंपकंपाते हाथों में लौटा भरोसा

मध्य प्रदेश शासन के आयुष विभाग के तत्वाधान में समग्र कल्याण एवं योग कार्यक्रम के अंतर्गत “गतिज एवं मानसिक सुधार कार्यक्रम” के तहत आनंद वृद्ध आश्रम में दो दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, योग, आयुर्वेद एवं आहार कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कलेक्टर सागर के निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी के मार्गदर्शन में 13 फरवरी 2026 को शिविर के द्वितीय दिवस पर Holistic Well-being Camp आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठजनों के शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक संतुलन पर विशेष बल दिया गया।

नोडल अधिकारी डॉ. पारुल सारस्वत (आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी) एवं डॉ. रवि कुमार मिश्रा (होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी) द्वारा 60 वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य बनाए रखने हेतु संतुलित आहार, दिनचर्या, योग एवं आयुर्वेदिक जीवनशैली का महत्व बताया गया। उन्होंने कहा कि आत्मा, मन और शरीर का सामंजस्य ही वास्तविक स्वास्थ्य है।

इस अवसर पर योगाचार्य भगत सिंह, राज्य प्रभारी (म.प्र. पूर्व), पतंजलि योग समिति ने विस्तार से संबोधित करते हुए कहा कि वृद्धावस्था कोई बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और आत्मिक परिपक्वता का काल है। उन्होंने बताया कि नियमित सूक्ष्म व्यायाम, कटी संचालन, घुटना संचालन, श्वासन, प्राणायाम एवं ध्यान से शरीर में रक्त संचार सुधरता है, जोड़ों का दर्द कम होता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है तथा मानसिक तनाव घटता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्राणायाम ऑक्सीजन आपूर्ति को संतुलित कर मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाता है और ध्यान मन को स्थिरता प्रदान करता है। रोगानुसार योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कमर दर्द एवं अनिद्रा जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. जोगेंद्र सिंह ने कहा कि योग एवं आयुर्वेद को दैनिक जीवन में शामिल कर व्यक्ति दीर्घायु एवं स्वस्थ रह सकता है। भारतीय चिकित्सा पद्धतियाँ जैसे योग, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी बिना दुष्प्रभाव के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती हैं।

शिविर में डॉ. प्रदीप कटियार (वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य), डॉ. विवेक जैन, अवधेश सेन, इज़हार अहमद, साक्षी (योग शिक्षक), सियारनी पटेल, रीतेश दुबे, आशुतोष रावत, बाबूलाल पटेल सहित अनेक गणमान्यजन एवं 60 से अधिक वृद्ध भाई-बहनों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के अंत में नोडल अधिकारी डॉ. पारुल सारस्वत ने सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिविर का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि नियमित योग, संतुलित आहार एवं सकारात्मक चिंतन से ही स्वस्थ, संतुलित एवं आनंदमय जीवन संभव है।