बी.टी.आई.ई. कॉलेज में एआई तकनीक पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी, शिक्षा और अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर गहन मंथन
बी.टी. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मकरोनिया, सागर में “एआई टेक्नोलॉजी: क्रिएशन एण्ड लर्निंग एम्पावरमेंट” विषय पर 5 एवं 6 जनवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी शिक्षा संकाय, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी समिति (नासी), मध्यप्रदेश चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
संगोष्ठी का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका, उपयोगिता, चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक विमर्श करना रहा। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
संगोष्ठी का उद्घाटन डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के कुलपति प्रो. वाय. एस ठाकुर द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं बल्कि उनके कार्य को सरल और प्रभावी बनाने वाला सशक्त उपकरण है। उन्होंने शिक्षा में एआई के नैतिक और संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रो एनपी . सिंह ने एआई के शैक्षिक उपयोग एवं डेटा गोपनीयता पर विचार रखे, जबकि प्रो. आशीष मिश्रा ने छात्रों में सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। विशेष आमंत्रित वक्ता डॉ. रामकुमार पाठक ने स्पष्ट किया कि एआई मानव बुद्धि का सहायक है, प्रतिस्थापक नहीं।
संगोष्ठी में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, जनरेटिव एआई, एजुकेशनल टूल्स, साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा तथा स्मार्ट लर्निंग सिस्टम जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। तकनीकी सत्रों में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने एआई आधारित शोध पत्रों और प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।















