पोस्टर चिपकाने वालों पर शिकंजा

नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड राजकुमार खत्री के निर्देशानुसार सागर शहर में अभियान चलाकर समस्त सार्वजनिक और निजी संपत्ति को अवैध रूप से स्याही या रंग से लेखन करने, पोस्टर बैनर चिपकाकर गंदा करने, लिखने या विरूपित करने वालों पर मध्य प्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम,1994 के तहत कार्यवाही की जा रही है।

सोमवार को डिग्री कॉलेज की दिवार पर चिपके कोचिंग और मैस आदि के पोस्टर पम्पलेट के माध्यम से निगमकर्मियों ने उक्त संस्थान के संचालक से सम्पर्क किया और चालान कर 500/- रूपये जुर्माना बसूला गया।

उक्त संस्थान संचालक ने स्वयं की गलती स्वीकारते हुए शहर को स्वच्छ रखने के लिए अपने कर्मचारी बुलाकर डिग्री कॉलेज की दीवार पर चिपके पम्पलेट पोस्टर निकलवाएँ और आगे से ऐसा न करने और अपने शहर को साफ स्वच्छ रखने में सहयोग करने की सहमती दी।

निगमायुक्त ने कहा की स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत देश के सभी शहरों के मध्य आयोजित होने वाली स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतिस्पर्धा में दर्शनीय स्वच्छता का बड़ा महत्व है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के तहत देशभर के शहरों का मूल्यांकन 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें “विजिबल क्लीनलीनेस” यानी दृश्य स्वच्छता के लिए 1500 अंक निर्धारित हैं। बेहतर रैंकिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर नगर निगम ने इस इंडिकेटर पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है। जो शहर प्रथम दृष्टि में साफ स्वच्छ दिखेंगा वह स्वच्छता में अग्रणी होगा। ऐसे में सागर नगर पालिक निगम द्वारा ब्लैक स्पॉट समाप्त कर आकर्षक दर्शनीय स्थलों का निर्माण कार्य, सड़कों से धूल मिट्टी आदि हटाने का कार्य, डिवाईडरों की धुलाई रंगाई पुताई, शहर में बाउंड्री वॉल व दीवारों पर सुंदर प्रेरणादायी व जागरूकता संदेश चित्रकारी, अवैध होर्डिंग बैनर आदि हटाने का कार्य सहित स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न पहलुओं पर सजगता से कार्य किया जा रहा है। शहर को स्वच्छ बनाये रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। सभी के सहयोग से सागर स्वच्छता में अग्रणी और नंबर-1 बनेगा।

सभी संस्थान संचालक और एडवरटाईज एजेंसी संचालक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। प्रचार प्रसार के नाम पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति की दीवारों पर पोस्टर पम्पलेट्स आदि न चिपकायें, ये कटे फ़टे पम्पलेटस दर्शनीय स्वच्छता को प्रभावित करते हैं। और दूर से देखने में भी शहर के स्थल गंदे दिखाई देते हैं। हमें शहर को सब ओर से स्वच्छ और सुंदर बनाना है सभी नागरिक जागरूक बने और शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें।

उल्लेखनीय है की संपत्ति विरूपण अधिनियम सार्वजनिक और निजी संपत्ति को स्याही, पोस्टर, या पेंट से गंदा करने या विरूपित करने को रोकता है। इसके तहत बिना अनुमति निजी/सार्वजनिक दीवारों पर कुछ लिखना या चिपकाना अपराध है, जिसके लिए जुर्माना (आमतौर पर ₹1,000) या कारावास का प्रावधान है। सार्वजनिक दृश्य में आने वाली किसी भी संपत्ति (दीवार, इमारत, खंभा, पेड़) को स्याही, रंग, खड़िया या किसी अन्य सामग्री को चिपकाकर गंदा या खराब करना एक संज्ञेय अपराध है, यानी पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। निजी संपत्ति पर स्वामी की लिखित अनुमति के बिना विरूपण अवैध है। सरकार विरूपण को हटाने और उसे साफ करने का खर्च भी दोषी से वसूल सकती है।