भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण उपरान्त नरयावली विधानसभा क्षेत्र की जारी हुईं ड्राफ्ट मतदाता सूची में सागर जिले के पूर्व कलेक्टर दीपक आर्य,पूर्व एसपी अभिषेक तिवारी व उनकी पत्नी का नाम शामिल होने तथा मतदाता सूची में व्याप्त गड़बड़ियों को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह व पूर्व मंत्री व नरयावली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुरेन्द्र चौधरी द्वारा मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग में की गई शिकायत पर कार्यवाही करते हुए मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग द्वारा नरयावली विधानसभा क्षेत्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची की जांच करने कलेक्टर सह जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश जारी कर जांच प्रतिवेदन निर्वाचन आयोग को भेजने के निर्देश जारी किये हैं। स्मरणीय है कि नरयावली विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत छावनी कैन्ट क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 122 सहित अनेकों मतदान केंद्रों की ड्राफ्ट मतदाता सूची में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं व गणना पत्रक फॉर्म भरने में हुए फर्जीवाड़े को पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर को पत्र लिख कर सवाल उठाये थे साथ ही मतदाता सूची में हुये फर्जीवाड़े से पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग को शिकायत कर निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्यवाही की मांग उठाई थी। निर्वाचन आयोग से की गई शिकायत में कहा कि नरयावली विधानसभा क्षेत्र के छावनी कैन्ट क्षेत्र के मतदान केंद्र 122 के अंतर्गत कलेक्टर सागर के बंगला एवं पुलिस अधीक्षक सागर के बंगले में ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं जो विगत एक वर्ष से अधिक समय से सागर जिले में निवास ही नहीं कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लगे अमलें के द्वारा कूट रचित दस्तावेज एवं कपटपूर्ण जानकारी गणना पत्रक फार्म में भरकर साठगाँठ से वर्ष 2024 से उक्त मतदान केंद्र व उक्त बंगले में निवास नहीं कर रहे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नाम शामिल किये गए हैं जो कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत गंभीर दंडनीय अपराध है।श्री सिंह व चौधरी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जब जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के आवास से संबंधित मतदान केंद्रों पर इस प्रकार की अनियमितता हो सकती है तो नरयावली विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे जिले के मतदान केंद्रों में बड़े पैमाने पर फर्जी नाम जोड़ने और वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।















