केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके व प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पहलाद पटेल द्वारा सागर जिला मुख्यालय पर आयोजित की गई पत्रकार वार्ता पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने तीखा पलटवार किया है।
पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि केन्द्र कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 2005 में मनरेगा योजना बनाई गई थी जिससे गांव के अंदर व्याप्त बेरोजगारी को खत्म किया जा सके और गांव में हर तरह से विकास किया जा सके लेकिन बीजेपी सरकार ने मनरेगा को बर्बाद कर दिया और मनरेगा सहित पूरा पंचायत सिस्टम को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक मजबूत पंचायती राज सिस्टम खड़ा किया था ग्राम सभाओं को सशक्त करने का काम किया लेकिन आज सरपंचों को छोटे-छोटे काम करने के लिए मंत्रियों के बंग्ले में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिस आजीविका मिशन और मनरेगा की बात भाजपा सरकार के मंत्री जी कर रहे हैं और अपनी पीठ थप थपा रहे हैं उसकी हकीकत यह है कि – संपूर्ण मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल के बच्चों के ड्रेस के लिए आजीविका मिशन की बहनों को सिलाई का काम दिया गया था लेकिन इसमें इतना भ्रष्टाचार हुआ की बच्चों को ड्रेस ही नहीं मिल पा रही थी और 2 साल में ही सिलाई काम बंद करना पड़ा और हजारों स्व. सहायता समूह की बहनें बेरोजगार हो गई लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया और जिनके विरुद्ध शिकायत हुई उन भ्रष्टाचारीयों में से किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई साथ ही आजीविका मिशन को पोषण आहार बनाने का काम दिया गया लेकिन आजीविका मिशन के पोषण आहार संयंत्र में पोषण आहार बना ही नहीं और करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हो गया और मध्य प्रदेश शिशु मृत्यु दर में पहले स्थान पर और मातृ मृत्यु दर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया और सभी हत्याएं हैं जो आजीविका मिशन के माध्यम से हुई है, CAG ने अपनी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा किया है लेकिन सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया यही नही आजीविका मिशन के 12 साल संचालक रहे ललित मोहन बेलवाल पर FIR हो चुकी है आजीविका मिशन के कई कामों की जांच चल रही है,आजीविका मिशन के लगभग सारे काम बंद हो चुके हैं और समूह की महिलाएं बेरोजगार बैठी हैं उनके खातों में जमा पैसा तक निकाल लिया गया लेकिन सरकार दोषियों को बचा रही है सागर में ही हजारों महिलाओं के करोड़ों रुपए बैंकों में जमा थे जिसे कर्मचारियों ने निकाल लिए।
पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मनरेगा में संपूर्ण मध्य प्रदेश में एक प्रतिशत भी जॉब कार्ड धारी मजदूरों को एक वर्ष में पूरे 100 दिन का रोजगार नहीं मिला,यहां तक कि वन अधिकार पट्टा धारकों को 150 दिन रोजगार देने का प्रावधान है लेकिन पूरे मध्य प्रदेश में 150 मनरेगा मजदूर ढूंढने से नहीं मिलेंगे जिन्हें वर्ष में 150 दिन का रोजगार मिला हो। सागर जिले में 766 पंचायते हैं और जॉब कार्ड 2 लाख 93 हजार हैं जिसमें 4 लाख 79 हजार मजदूर रजिस्टर्ड हैं लेकिन पिछले 6 वर्षों में रजिस्टर्ड मजदूरों में से एक प्रतिशत मजदूरों को भी पूरे सौ दिन का रोजगार नहीं मिला । 4 लाख 79 हजार मजदूरों में से इस वर्ष मात्र वर्ष 255 परिवार को ही 100 दिन का रोजगार मिला। श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2024 – 25 में 553 परिवार 2023 – 24 में 585 परिवार 2022 – 23 में 1601 परिवार 2021-22 में 2930 परिवार को 100 दिन का रोजगार मिला है। मंत्री प्रह्लाद पटेल जी गौशाला निर्माण का काम उद्यान की सहकारिता का काम इस वर्ष शुरू करने की बात कह रहे हैं जब की हकीकत सबको मालूम है मनरेगा में गौशाला निर्माण का काम सहकारिता के काम उद्यानिकी के काम और ऐसे 22 अलग-अलग विभागों से कन्वर्जेंस के काम पहले से ही हो रहे हैं।श्री चौधरी ने कहा कि मंत्री द्वय पत्रकार वार्ता के माध्यम से स्वयं अपनी सरकार की पीठ थपथपाने के बजाय बुंदेलखंड क्षेत्र में बहन बेटियों और अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के साथ घटित हो रही अन्याय,अत्याचार,उत्पीड़न की घटनाओं के साथ-साथ बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और व्याप्त भ्रष्टाचार की समीक्षा करने के साथ-साथ कोई ठोस कदम उठाते तो अच्छा होता लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया जो भाजपा सरकार के असली चेहरे को उजागर करता है।
















